05 November 2026
UP में कृषि यंत्र सब्सिडी 2026: पात्रता, राशि और आवेदन कैसे करें
उत्तर प्रदेश सरकार कृषि यंत्र योजना के तहत खेती की मशीनों पर बड़ी सब्सिडी देती है, पर ज़्यादातर किसान इसका फायदा खो देते हैं क्योंकि वे पहले मशीन खरीद लेते हैं या टोकन का समय चूक जाते हैं। इस गाइड में बताया गया है कि कौन पात्र है, UP में कितनी सब्सिडी मिलती है, पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया क्या है, और 2026 के लिए कौन से कागज़ तैयार रखें।
UP में कृषि यंत्र सब्सिडी क्या है?
कृषि यंत्र सब्सिडी उत्तर प्रदेश सरकार की आर्थिक मदद है, जिसे राज्य कृषि विभाग केंद्र की कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) के तहत चलाता है। यह पावर वीडर, स्प्रेयर, चाफ कटर, सीड ड्रिल जैसी मशीनों की कीमत का एक हिस्सा देती है, ताकि छोटे और मंझोले किसान आधुनिक मशीनें खरीद सकें। रजिस्टर्ड डीलर से मंज़ूर मशीन खरीदने और बिल अपलोड करने के बाद पैसा सीधे आपके बैंक खाते में (DBT) आता है।
UP में कृषि यंत्र पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
ज़्यादातर मशीनों पर UP में लागत का 40 से 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है, हर मशीन पर एक अधिकतम सीमा के साथ। छोटे, सीमांत, SC, ST और महिला किसानों को आम तौर पर ऊंचा स्लैब मिलता है। सही प्रतिशत और ऊपरी सीमा हर मशीन के लिए हर साल तय होती है, इसलिए आवेदन से पहले अपनी मशीन की मौजूदा दर ज़रूर देखें।
किसान श्रेणी | आम तौर पर सब्सिडी |
सामान्य किसान | लागत का करीब 40 प्रतिशत |
छोटे, सीमांत, SC, ST और महिला किसान | करीब 50 प्रतिशत या ज़्यादा |
अपनी मशीन और श्रेणी के हिसाब से कितनी मिलेगी, यह देखने के लिए कृषि यंत्र सब्सिडी चेकर इस्तेमाल करें।
UP में सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?
आप उत्तर प्रदेश के किसान हों, ज़मीन आपके नाम हो या वैध पट्टे पर हो, बैंक खाता आधार से जुड़ा हो, और ज़मीन के कागज़ (खतौनी) आपके नाम से मिलते हों। एक परिवार को आम तौर पर एक अवधि में एक ही मशीन पर सब्सिडी मिलती है, और खरीद पोर्टल पर रजिस्टर्ड डीलर से ही करनी होती है। आवेदन से पहले खरीदी गई मशीन पर सब्सिडी नहीं मिलती।
UP में कृषि यंत्र सब्सिडी: कदम दर कदम
पूरी प्रक्रिया UP कृषि विभाग के ज़रिए चलती है। आप एक बार रजिस्टर करते हैं, मशीन का टोकन बुक करते हैं, खरीदते हैं, और जांच के लिए बिल अपलोड करते हैं।
कदम | क्या करें |
1. रजिस्टर करें | UP किसान पोर्टल पर, जो UP कृषि विभाग की वेबसाइट से पहुंचा जा सकता है, अपने विवरण और ज़मीन के कागज़ों के साथ रजिस्टर करें। |
2. टोकन बुक करें | आवेदन खुलने पर जो मशीन चाहिए उसका टोकन (बुकाई) बुक करें। लोकप्रिय मशीनों के टोकन जल्दी खत्म होते हैं, इसलिए जल्दी आवेदन करें। |
3. मशीन खरीदें | पोर्टल पर रजिस्टर्ड डीलर से मंज़ूर मशीन खरीदें और GST बिल रखें। |
4. बिल अपलोड करें | दी गई समय-सीमा में बिल और मशीन का विवरण पोर्टल पर अपलोड करें। |
5. जांच और DBT | अधिकारी खरीद की जांच करता है, और सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में आ जाती है। |
UP जिस केंद्रीय मशीन और योजना सूची का पालन करता है, वह भारत सरकार के फार्म मशीनरी पोर्टल पर देखें।
ज़रूरी कागज़ात
टोकन बुक करने से पहले ये तैयार रखें, क्योंकि समय कम होता है: आधार कार्ड, ज़मीन के कागज़ (खतौनी या खसरा), आधार से जुड़ी बैंक पासबुक, पासपोर्ट फोटो, मोबाइल नंबर, और SC या ST के तहत आवेदन कर रहे हैं तो जाति प्रमाण पत्र। आपका नाम ज़मीन के कागज़, आधार और बैंक खाते में एक जैसा हो, वरना आवेदन जांच में अटक जाता है।
UP के किसान ये गलतियां करते हैं
दो सबसे बड़ी गलतियां हैं: टोकन बुक करने से पहले मशीन खरीद लेना, जिससे आप अपात्र हो जाते हैं, और टोकन का समय चूक जाना क्योंकि पावर वीडर और स्प्रेयर के टोकन घंटों में खत्म हो जाते हैं। बाकी आम गलतियां हैं ज़मीन और बैंक रिकॉर्ड में नाम का फर्क, आधार का बैंक से न जुड़ा होना, और पोर्टल पर रजिस्टर न किए डीलर से खरीदना। आवेदन से पहले ये ठीक कर लें।
UP में सब्सिडी पर कौन सी मशीनें खरीद सकते हैं?
ज़्यादातर खेती की मशीनें शामिल हैं, जैसे पावर वीडर, बैटरी और पावर स्प्रेयर, चाफ कटर, राइस मिल, सीड ड्रिल और बाकी। अगर आप सब्ज़ी, गन्ना या कतार वाली फसल उगाते हैं तो पावर वीडर लोकप्रिय सब्सिडी वाला विकल्प है; छिड़काव के लिए किसान बैटरी स्प्रेयर चुनते हैं। अपने खेत के हिसाब से तुलना करें, फिर उसी मशीन का टोकन बुक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UP में कृषि यंत्र पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
आम तौर पर मशीन की लागत का 40 से 50 प्रतिशत, हर मशीन पर एक अधिकतम सीमा के साथ। छोटे, सीमांत, SC, ST और महिला किसानों को ऊंचा स्लैब मिलता है। आवेदन से पहले अपनी मशीन की मौजूदा दर देखें।
UP में कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें?
UP किसान पोर्टल पर रजिस्टर करें, आवेदन खुलने पर मशीन का टोकन बुक करें, रजिस्टर्ड डीलर से खरीदें, बिल अपलोड करें, और जांच के बाद सब्सिडी बैंक खाते में आ जाती है।
पहले मशीन खरीदें या पहले आवेदन करें?
हमेशा पहले टोकन बुक करें। अगर टोकन बुक करने से पहले मशीन खरीद ली, तो सब्सिडी नहीं मिलेगी।
कौन सा बैंक खाता इस्तेमाल करें?
वह बैंक खाता जो आधार से जुड़ा हो और ज़मीन के कागज़ के नाम से मेल खाता हो, वरना सब्सिडी ट्रांसफर जांच में अटक सकता है।
सब्सिडी आने में कितना समय लगता है?
अधिकारी के खरीद जांचने के बाद सब्सिडी सीधे बैंक में भेजी जाती है। समय जिले और योजना के लोड पर निर्भर करता है, इसलिए कागज़ साफ रखें ताकि देरी न हो।
क्या हर साल सब्सिडी मिल सकती है?
आम तौर पर एक अवधि में एक परिवार को एक मशीन। मौजूदा नियम देखें, क्योंकि यह मशीन और साल के हिसाब से बदलता है।
योजना के नियम, सब्सिडी प्रतिशत और पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार तय करती है और हर साल बदलते हैं। आवेदन से पहले आधिकारिक UP कृषि पोर्टल पर मौजूदा दर, सीमा और प्रक्रिया ज़रूर देखें।