26 September 2026
पावर वीडर के स्पेयर पार्ट्स की पूरी लिस्ट (डायग्राम के साथ)
खेत में आधी लाइन जुत चुकी है, ब्लेड अच्छी पकड़ बना रहे थे, और अचानक ब्लेड घूमना बंद कर देते हैं। इंजन तो अब भी चल रहा है। यानी इंजन और ब्लेड के बीच कहीं कुछ खराब हुआ है। मशीन लेकर दुकान पर पहुंचते हैं और पहला सवाल वही आता है जिसका जवाब नहीं होता: कौन सा पार्ट चाहिए?
यह गाइड उसी सवाल का जवाब है।
नीचे पावर वीडर के स्पेयर पार्ट्स की पूरी लिस्ट दी गई है, वैसे ही बांटकर जैसे मशीन असल में बनी होती है: इंजन की तरफ, ट्रांसमिशन की तरफ, जुताई की तरफ, और वे केबल जो आपके हाथ में रहती हैं। पेट्रोल और डीज़ल मॉडल की लिस्ट अलग-अलग है, क्योंकि इन दोनों के फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स आपस में नहीं चलते। हर पार्ट का वही नाम दिया है जो डीलर पहचानता है, उसका काम क्या है, और कब बदलना है।
आखिरी हिस्से में ALAP के असली पार्ट कोड दिए हैं। कोड बोल दिया तो फिर कुछ समझाने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।
Almighty Agrotech राजकोट में 1977 से खेती की मशीनें बना रही है। हमारे ALAP और MILAP पावर वीडर की सर्विस पूरे भारत में 3,000 से ज़्यादा डीलरों के ज़रिए होती है, और नीचे दिए नाम और कोड वही हैं जो उन डीलरों के पास रहते हैं।
पावर वीडर कैसे काम करता है
मॉडल कोई भी हो, पावर वीडर तीन काम एक के बाद एक करता है। इंजन ताकत बनाता है। क्लच और गियरबॉक्स उस ताकत को नीचे ब्लेड तक पहुंचाते हैं। रोटरी ब्लेड मिट्टी काटकर पलटते हैं, और पहिए व हैंडल मशीन को सीधी लाइन में चलाए रखते हैं।
लगभग हर खराबी इन्हीं तीन में से किसी एक जगह होती है:
- इंजन की तरफ: मुश्किल से स्टार्ट होना, ताकत कम लगना, सिलेंडर तक फ्यूल न पहुंचना
- ट्रांसमिशन की तरफ: इंजन चलता है पर ब्लेड नहीं घूमते, या घूमना बंद नहीं होते
- जुताई की तरफ: ब्लेड घूमते हैं पर मिट्टी में उतरते नहीं, या गहराई एक जैसी नहीं रहती
कुछ भी खोलने से पहले यह तय कर लें कि खराबी किस हिस्से में है। जो मशीन ठीक चल रही है पर जुताई नहीं कर रही, उसके इंजन में कोई दिक्कत नहीं है। एक क्लच केबल की कीमत, गलत जगह मशीन खोलकर बिगाड़े गए पूरे दिन के आगे कुछ भी नहीं है।
इंजन के पार्ट्स, पेट्रोल मॉडल
APW-100P और MILAP रेंज जैसे पेट्रोल पावर वीडर में सिंगल सिलेंडर पेट्रोल इंजन और रस्सी वाला रिकॉइल स्टार्टर होता है। इनमें ये पार्ट्स घिसते हैं।
|
पार्ट का नाम |
क्या काम करता है |
कब बदलें |
|
रिकॉइल स्टार्टर |
रस्सी खींचने पर इंजन को घुमाता है |
रस्सी घिस गई हो, या स्प्रिंग रस्सी वापस न खींचे |
|
कार्बोरेटर |
पेट्रोल और हवा को सही अनुपात में मिलाता है |
आइडलिंग खराब हो, स्पीड न टिके, स्टार्ट करते समय फ्लड हो |
|
कार्बोरेटर पैकिंग |
कार्बोरेटर को इंजन से सील करती है ताकि बाहर की हवा न खिंचे |
इंजन अपने आप तेज़ हो जाए, या गरम होने पर बंद हो जाए |
|
पिस्टन |
कंप्रेशन बनाता है और जलने का दबाव झेलता है |
कंप्रेशन खत्म, ज़्यादा धुआं, पिस्टन पर खरोंच |
|
स्पार्क प्लग |
सही समय पर फ्यूल को आग देता है |
मुश्किल से स्टार्ट हो, टिप काली या तेल वाली हो, इंसुलेटर चटका हो |
|
फ्यूल टैंक |
पेट्रोल रखता है |
दरार आ जाए, अंदर जंग लगे, ढक्कन की सील काम न करे |
|
एयर फिल्टर |
खेत की धूल को सिलेंडर तक जाने से रोकता है |
देखने में भर गया हो, या लोड पर इंजन की ताकत गिरे |
इस लिस्ट में एयर फिल्टर सबसे सस्ता पार्ट है, और पिस्टन कितने साल चलेगा यह वही तय करता है। जुताई में धूल सीधे ऊपर मशीन की तरफ उड़ती है। सूखे मौसम में इसे हर दिन काम खत्म होने पर साफ करें, सीज़न में एक बार नहीं।
इंजन के पार्ट्स, डीज़ल मॉडल
APW-105DE और APW-105DM जैसे डीज़ल मॉडल में न स्पार्क प्लग होता है, न कार्बोरेटर। इनमें डीज़ल दबाव के साथ इंजेक्ट होता है, इसलिए घिसने वाली जगहें अलग होती हैं।
|
पार्ट का नाम |
क्या काम करता है |
कब बदलें |
|
फ्यूल इंजेक्शन वॉल्व असेंबली |
सिलेंडर में डीज़ल को बारीक फुहार बनाकर छोड़ता है |
सफेद धुआं, नॉकिंग, इंजन लोड न ले |
|
फ्यूल पंप |
इंजेक्टर के लिए ज़रूरी दबाव बनाता है |
मुश्किल से स्टार्ट हो, टैंक खाली होते-होते ताकत गिरे |
|
फ्यूल पाइप |
टैंक से पंप तक डीज़ल पहुंचाता है |
सख्त पड़ जाए, मोड़ पर दरार आए, हवा खिंचने लगे |
|
गियर ऑयल डिपस्टिक |
गियरबॉक्स के तेल का लेवल जांचने देता है |
गुम हो जाए या मुड़ जाए, जिससे लेवल पढ़ा न जा सके |
डीज़ल इंजन मुश्किल से स्टार्ट हो तो दिक्कत लगभग हमेशा फ्यूल पहुंचने में होती है, कंप्रेशन में नहीं। इंजेक्टर से उल्टा चलें: पहले पाइप, फिर पंप, फिर इंजेक्टर।
ट्रांसमिशन और ड्राइव के पार्ट्स
ज़्यादातर किसान इसी हिस्से पर आकर रुकते हैं, क्योंकि "इंजन चलता है पर ब्लेड नहीं घूमते" वाली शिकायत यहीं हल होती है।
|
पार्ट का नाम |
क्या काम करता है |
कब बदलें |
|
क्लच फ्रिक्शन प्लेट |
इंजन की ताकत को गियरबॉक्स तक जोड़ती और छोड़ती है |
लोड पड़ने पर ब्लेड कमज़ोर घूमें, या जुताई में जलने की गंध आए |
|
क्लच लीवर केबल |
आपके हाथ की हरकत को क्लच तक पहुंचाती है |
खिंच जाए, तार टूटने लगें, क्लच पूरा न छूटे |
|
रिवर्स केबल |
रिवर्स गियर लगाती है |
रिवर्स लगे नहीं, या लगकर छूटे नहीं |
|
ट्रांसमिशन गियरबॉक्स ऑयल सील |
गियर ऑयल को अंदर और मिट्टी को बाहर रखती है |
हाउसिंग पर तेल की परत दिखे, या दो सर्विस के बीच तेल घटे |
|
बॉक्स हाउसिंग पैकिंग |
गियरबॉक्स हाउसिंग के जोड़ को सील करती है |
जोड़ से रिसाव, जो कसने पर भी बंद न हो |
गियरबॉक्स से तेल रिसने को टालें नहीं। सील अपने आप में छोटा सा पार्ट है। तेल खत्म होने पर चला हुआ गियरबॉक्स छोटा खर्च नहीं है।
जुताई और पहिए के पार्ट्स
|
पार्ट का नाम |
क्या काम करता है |
कब बदलें |
|
टिलिंग ब्लेड |
खरपतवार काटता है और मिट्टी पलटता है |
धार गोल हो जाए, ब्लेड घिसकर छोटा हो जाए, पत्थर लगने से मुड़ जाए |
|
टायर असेंबली |
मशीन का वज़न उठाती है और लाइनों के बीच चलाती है |
ग्रिप घिस जाए, साइडवॉल फटे, रिम खराब हो |
|
राउंड हेड पिन |
ब्लेड सेट और अटैचमेंट को जगह पर रोकती है |
मुड़ जाए, घिसकर पतली हो जाए, या ढीली बैठे |
|
R पिन |
पिन को लॉक करती है ताकि खेत में वह निकल न जाए |
खुल जाए, कसाव खत्म हो जाए, या गुम हो जाए |
घिसे हुए ब्लेड इस लिस्ट की सबसे चुपचाप आने वाली खराबी हैं। मशीन चलती भी है, आवाज़ भी सही आती है, लाइन में आगे भी बढ़ती है, इसलिए कुछ गलत लगता ही नहीं। फर्क गहराई में आता है: गोल हो चुके ब्लेड सख्त ज़मीन में उतरने की जगह ऊपर से फिसल जाते हैं, और जहां एक फेरा काफी था वहां दो लगाने पड़ते हैं। एक नया ब्लेड अलग रखें और सीज़न की शुरुआत में उससे मिलाकर देखें।
टूल किट में फालतू R पिन ज़रूर रखें। कीमत नाममात्र है, खेत में सबसे ज़्यादा यही गुम होती है, और इसके बिना ब्लेड सेट को सुरक्षित तरीके से वापस नहीं लगाया जा सकता।
ALAP पावर वीडर पार्ट कोड
ये वही कोड हैं जिन पर हमारे डीलर ऑर्डर करते हैं। कोड और मॉडल दोनों बोल दें, फिर समझाने को कुछ बचता ही नहीं।
|
कोड |
पार्ट |
किसमें लगता है |
|
PW-05 |
राउंड हेड पिन 8 x 50 mm |
सभी |
|
PW-10 |
R पिन 9 x 2 x 38 mm |
सभी |
|
PW100P-36 |
क्लच लीवर केबल (बिना हैंडल) |
पेट्रोल |
|
PW100P-44 |
कार्बोरेटर पैकिंग |
पेट्रोल |
|
PW100P-55 |
पिस्टन |
पेट्रोल |
|
PW100P-62 |
स्पार्क प्लग |
पेट्रोल |
|
PW100P-65 |
फ्यूल टैंक |
पेट्रोल |
|
PW100P-76 |
कार्बोरेटर |
पेट्रोल |
|
PW100P-88 |
ट्रांसमिशन गियरबॉक्स ऑयल सील 25 x 47 x 7 |
पेट्रोल |
|
PW100P-112 |
रिकॉइल स्टार्टर |
पेट्रोल |
|
PW100P-122 |
रिवर्स केबल |
पेट्रोल |
|
PW100P-138 |
बॉक्स हाउसिंग पैकिंग |
पेट्रोल |
|
PW100PA-02 |
टायर असेंबली |
पेट्रोल |
|
PW105DE-04 |
गियर ऑयल डिपस्टिक |
105DE / 135DE |
|
PWDE/DM-18 |
फ्यूल पाइप 7.4 x 13.50 |
डीज़ल |
|
PWDE/DM-19 |
फ्यूल इंजेक्शन वॉल्व असेंबली |
डीज़ल |
|
PWDE/DM-107 |
फ्यूल पंप |
डीज़ल |
|
PW100P/DM-04 |
टूल किट बॉक्स |
100P / DM |
|
PW100P/DM-08A |
क्लच फ्रिक्शन प्लेट |
APW-100P / DM |
|
PW100P/DE-13 |
टिलिंग ब्लेड |
100P / DE |
कोड पढ़ लें तो फिटमेंट अपने आप साफ हो जाता है। PW100P से शुरू होने वाला कोड पेट्रोल मशीन का है। PWDE या PWDM डीज़ल मशीनों का है। सिर्फ PW वाले, जैसे पिन, पूरी रेंज में चलते हैं।
सबसे जल्दी घिसने वाले पार्ट्स
हर पावर वीडर में यही छोटी सी लिस्ट ज़्यादातर बंदी की वजह बनती है। इन्हें सीज़न से पहले रख लें, बीच में मशीन रुकने के बाद नहीं:
- एयर फिल्टर, और पेट्रोल मशीन में स्पार्क प्लग
- टिलिंग ब्लेड, और उन्हें रोकने वाली पिन व R पिन
- क्लच लीवर केबल
- ज़्यादा घंटे चल चुकी मशीनों में क्लच फ्रिक्शन प्लेट
- गियरबॉक्स ऑयल सील और बॉक्स हाउसिंग पैकिंग
- फ्यूल पाइप, डीज़ल और पेट्रोल दोनों में
- रिकॉइल स्टार्टर की रस्सी
सही पार्ट कैसे मंगवाएं
चार बातें ध्यान रखें तो पहली बार में सही पार्ट मिलता है:
- मशीन की प्लेट पर मॉडल देखें। APW-100P, APW-105DE, APW-105DM और MILAP मॉडल के सारे पार्ट एक जैसे नहीं होते
- यह पक्का करें कि मशीन पेट्रोल है या डीज़ल। पूरा फ्यूल सिस्टम इसी से तय होता है
- इस पेज से पार्ट का नाम लें, और जहां कोड मिले वहां ऊपर की टेबल से कोड भी बोलें
- पंप, गियरबॉक्स और क्लच असेंबली के लिए यह मानकर न चलें कि रेंज की हर मशीन में एक ही पार्ट लगता है, ऑर्डर से पहले फिटमेंट पक्का करें
समझ न आए तो हमें मॉडल और यह बता दें कि मशीन क्या गड़बड़ कर रही है। हमारी टीम बता देगी कि कौन सा पार्ट चाहिए और आपके पास का कौन सा डीलर रखता है, चाहे मशीन आपने हमसे ली हो या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पावर वीडर और पावर टिलर के पार्ट्स एक जैसे होते हैं?
दोनों मशीनों का सिद्धांत एक है और कई पार्ट्स के नाम भी एक जैसे हैं, लेकिन पार्ट का साइज़ हर मशीन के हिसाब से अलग होता है। मशीन के टाइप के बजाय अपने मॉडल नंबर पर ऑर्डर करें।
क्या पेट्रोल और डीज़ल पावर वीडर के पार्ट्स आपस में चलते हैं?
पिन, ब्लेड और ट्रांसमिशन के कई पार्ट्स साझा होते हैं, लेकिन फ्यूल सिस्टम का कोई पार्ट साझा नहीं होता। डीज़ल मशीन में जहां इंजेक्टर और फ्यूल पंप होता है, पेट्रोल मशीन में वहां कार्बोरेटर और स्पार्क प्लग होता है।
टिलिंग ब्लेड कितने समय में बदलने चाहिए?
कोई तय समय नहीं है, यह पूरी तरह आपकी मिट्टी पर निर्भर है। पथरीली और सख्त ज़मीन में ब्लेड नरम मिट्टी के मुकाबले कई गुना तेज़ी से घिसते हैं। गहराई से अंदाज़ा लगाएं: जहां पहले एक फेरा काफी था वहां दो लगने लगें, तो समझिए धार खत्म हो गई।
इंजन चलता है पर ब्लेड नहीं घूमते, कौन सा पार्ट खराब है?
सबसे पहले क्लच लीवर केबल देखें, यही सबसे सस्ता और सबसे आम कारण है। केबल ठीक हो और सेटिंग भी सही हो, तो अगला नंबर क्लच फ्रिक्शन प्लेट का है।
क्या पुराने ALAP पावर वीडर के पार्ट्स मिल जाते हैं?
यह मॉडल और पार्ट पर निर्भर करता है। अपना मॉडल नंबर भेजिए, हम बता देंगे कि क्या उपलब्ध है।
पूरी पार्ट्स लिस्ट डाउनलोड करें
यही लिस्ट, प्रिंट करने लायक, लेबल वाले डायग्राम और ALAP पार्ट कोड के साथ। हाथ से इशारा करके समझाने के बजाय इसे दुकान पर ले जाएं। पावर वीडर स्पेयर पार्ट्स नेम लिस्ट (PDF) डाउनलोड करें।
- 1. पावर वीडर कैसे काम करता है
- 2. इंजन के पार्ट्स, पेट्रोल मॉडल
- 3. इंजन के पार्ट्स, डीज़ल मॉडल
- 4. ट्रांसमिशन और ड्राइव के पार्ट्स
- 5. जुताई और पहिए के पार्ट्स
- 6. ALAP पावर वीडर पार्ट कोड
- 7. सबसे जल्दी घिसने वाले पार्ट्स
- 8. सही पार्ट कैसे मंगवाएं
- 9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- 10. पूरी पार्ट्स लिस्ट डाउनलोड करें