03 October 2026
कृषि यंत्र सब्सिडी 2026: किसानों के लिए राज्यवार गाइड
खेती की मशीनें महंगी होती हैं, और ज़्यादातर किसान ज़रूरत से कहीं ज़्यादा पैसा इसलिए देते हैं क्योंकि उन्हें मिलने वाली कृषि यंत्र सब्सिडी वे लेते ही नहीं। सरकार ट्रैक्टर, पावर वीडर, स्प्रेयर, थ्रेशर और कई और यंत्रों की कीमत का 40 से 80 प्रतिशत तक देती है। इस गाइड में कृषि यंत्र सब्सिडी को आसान भाषा में समझाया गया है - कितनी मिलती है, कौन ले सकता है, और उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में आवेदन कैसे करें।
कृषि यंत्र सब्सिडी क्या है?
कृषि यंत्र सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक मदद है, जिससे किसान कम कीमत पर खेती के यंत्र खरीद सकें। इसका ज़्यादातर पैसा एक केंद्रीय योजना से आता है जिसे सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मशीनीकरण (SMAM) कहते हैं, जो कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय चलाता है। हर राज्य का अपना पोर्टल होता है, इसलिए आवेदन का तरीका राज्य के हिसाब से थोड़ा अलग होता है।
सब्सिडी DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से मिलती है। आप मशीन खरीदते हैं, बिल अपलोड करते हैं, और जांच के बाद सब्सिडी की रकम सीधे आपके बैंक खाते में आ जाती है। मशीन आपकी रहती है, और आप सिर्फ अपना हिस्सा देते हैं।
कृषि यंत्र पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
रकम मशीन पर और इस पर निर्भर करती है कि आप किस वर्ग में आते हैं। प्राथमिकता वाले वर्ग के किसानों को ज़्यादा हिस्सा मिलता है।
| किसान वर्ग | आम तौर पर सब्सिडी |
|---|---|
| सामान्य किसान | 40 से 50 प्रतिशत |
| SC / ST किसान | 50 से 80 प्रतिशत |
| महिला किसान | 50 प्रतिशत और ऊपर (प्राथमिकता) |
| लघु और सीमांत किसान | 50 प्रतिशत और ऊपर |
हर मशीन की एक अधिकतम सीमा भी होती है, यानी सब्सिडी एक तय रकम तक ही प्रतिशत के हिसाब से मिलती है। छोटे पावर वीडर की सीमा ट्रैक्टर से कम होती है। अपनी मशीन के लिए अनुमानित रकम देखने के लिए हमारा कृषि यंत्र सब्सिडी चेकर इस्तेमाल करें, और बाकी की योजना EMI कैलकुलेटर से बनाएं।
सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?
- आप भारत के नागरिक हों और खेती की ज़मीन आपके नाम हो।
- व्यक्तिगत किसान, जिसमें लघु, सीमांत, SC, ST और महिला किसानों को प्राथमिकता।
- स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी समितियां और पंजीकृत यूज़र ग्रुप।
- DBT भुगतान के लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता हो।
- पिछले कुछ सालों में उसी मशीन पर सब्सिडी न ली हो (समय-सीमा हर राज्य तय करता है)।
कौन-कौन सी मशीनें शामिल हैं?
SMAM में खेत और फसल कटाई के बाद के ज़्यादातर यंत्र आते हैं। आम तौर पर सब्सिडी वाली मशीनें:
- ट्रैक्टर और पावर वीडर
- रोटावेटर, कल्टीवेटर और पावर वीडर अटैचमेंट
- पावर स्प्रेयर, बैटरी स्प्रेयर और HTP स्प्रेयर
- थ्रेशर, रीपर, चाफ कटर और मिनी राइस मिल
- सीड ड्रिल, प्लांटर और लेज़र लैंड लेवलर
खरीदने से पहले पावर वीडर के बारे में जानना है? पढ़ें पावर वीडर क्या है और कैसे काम करता है।
कृषि यंत्र सब्सिडी: राज्यवार आवेदन कैसे करें
हर राज्य का अपना पोर्टल है। अपना राज्य नीचे देखें। अगर आपका राज्य यहां नहीं है, तो राष्ट्रीय पोर्टल agrimachinery.nic.in से शुरू करें, जहां हर राज्य की योजना का लिंक मिलता है।
| राज्य | आधिकारिक पोर्टल | तरीका |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | upagriculture.com | रजिस्टर करें, टोकन बुक करें, फिर अधिकृत डीलर से खरीदें |
| गुजरात | ikhedut.gujarat.gov.in | खुली विंडो में iKhedut पर आवेदन करें |
| मध्य प्रदेश | dbt.mpdage.org | ऑनलाइन आवेदन, चयन लॉटरी (ड्रॉ) से |
| राजस्थान | rajkisan.rajasthan.gov.in | अपनी SSO ID से राज किसान पर आवेदन करें |
उत्तर प्रदेश (UP कृषि यंत्र)
UP कृषि पोर्टल upagriculture.com पर अपने विवरण और ज़मीन के कागज़ों के साथ रजिस्टर करें। जो मशीन चाहिए उसका टोकन बुक करें, पंजीकृत डीलर से खरीदें और बिल अपलोड करें। UP में जल्दी बुकिंग ज़रूरी है, क्योंकि लोकप्रिय मशीनों के टोकन जल्दी खत्म हो जाते हैं।
गुजरात (iKhedut)
गुजरात अपनी सब्सिडी iKhedut पोर्टल से देता है। आवेदन साल भर विंडो में खुलते हैं, इसलिए मौजूदा तारीख पोर्टल पर देखें। ऑनलाइन आवेदन करें, पूर्व-संमति लें, मशीन खरीदें और DBT भुगतान के लिए बिल जमा करें।
मध्य प्रदेश (ई-कृषि यंत्र अनुदान)
MP ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल इस्तेमाल करता है। मांग ज़्यादा होने से MP लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर लॉटरी से करता है। खुली विंडो में कागज़ों और धरोहर राशि के साथ आवेदन करें, और खरीदने से पहले ड्रॉ का नतीजा देखें।
राजस्थान (राज किसान)
राजस्थान के किसान अपनी SSO ID से राज किसान पोर्टल पर आवेदन करते हैं। सामान्य किसानों को लगभग 40 प्रतिशत और SC, ST, लघु, सीमांत व महिला किसानों को लगभग 50 प्रतिशत मिलता है। आवेदन करें, मंज़ूरी लें, अधिकृत जगह से खरीदें और DBT लें।
ज़रूरी कागज़ात
- आधार कार्ड
- ज़मीन के कागज़ (खतौनी / 7-12 / खसरा, जैसा राज्य मांगे)
- आधार से जुड़ी बैंक पासबुक
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST लाभ के लिए)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो और मोबाइल नंबर
- दावे के समय मशीन का बिल और उसका सीरियल नंबर
कदम दर कदम: सब्सिडी कैसे लें
- आधार और ज़मीन के कागज़ों के साथ अपने राज्य के पोर्टल पर रजिस्टर करें।
- जो मशीन चाहिए उसके लिए आवेदन करें और खरीदने से पहले मंज़ूरी या टोकन लें।
- पंजीकृत डीलर से खरीदें और असली बिल रखें।
- पोर्टल पर बिल और मशीन का विवरण अपलोड करें।
- अधिकारी मशीन की जांच करते हैं, अक्सर मौके पर जाकर।
- सब्सिडी DBT से आपके बैंक खाते में आ जाती है।
ये गलतियां न करें
- मंज़ूरी या टोकन मिलने से पहले मशीन खरीद लेना। कई राज्य मंज़ूरी से पहले की तारीख वाले बिल को नहीं मानते।
- ऐसा बैंक खाता जो आधार से जुड़ा न हो, जिससे DBT रुक जाता है।
- आवेदन की विंडो चूक जाना, खासकर गुजरात और MP में।
- बिना पंजीकृत विक्रेता से खरीदना, जिससे बिल मान्य नहीं होता।
- गलत या धुंधले कागज़, जिससे फाइल सुधार के लिए वापस आ जाती है।
आलमाइटी एग्रोटेक कैसे मदद करता है
आलमाइटी एग्रोटेक 1977 से राजकोट में खेती की मशीनें बनाता आ रहा है, और हमारी ALAP व MILAP मशीनें वही हैं जो इन योजनाओं में आम तौर पर खरीदी जाती हैं। हम तीन तरह से मदद करते हैं: हमारे डीलर सीरियल नंबर के साथ सही GST बिल देते हैं जो पोर्टल स्वीकार करते हैं, हमारी टीम आपके राज्य की सही योजना बता सकती है, और हमारा सब्सिडी चेकर आवेदन से पहले तुरंत अनुमान देता है। मशीन चुनने या डीलर ढूंढने में मदद के लिए हमसे संपर्क करें या डीलर बनने के लिए आवेदन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कृषि यंत्र पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
मशीन की कीमत का 40 से 80 प्रतिशत, हर मशीन की एक तय सीमा तक। सामान्य किसानों को आम तौर पर 40 से 50 प्रतिशत, जबकि SC, ST, महिला, लघु और सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत या उससे ज़्यादा मिलता है।
UP में कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें?
upagriculture.com पर रजिस्टर करें, अपनी मशीन का टोकन बुक करें, पंजीकृत डीलर से खरीदें और बिल अपलोड करें। जांच के बाद सब्सिडी DBT से बैंक खाते में आती है।
क्या पावर वीडर पर सब्सिडी मिलती है?
हां। पावर वीडर भी दूसरी मशीनों की तरह SMAM में आता है, इसलिए आप अपने वर्ग और राज्य के हिसाब से 40 से 80 प्रतिशत ले सकते हैं। अनुमान के लिए सब्सिडी चेकर इस्तेमाल करें।
पहले मशीन खरीदें या पहले आवेदन करें?
पहले आवेदन करें और मंज़ूरी या टोकन का इंतज़ार करें। ज़्यादातर राज्यों में मंज़ूरी से पहले की तारीख का बिल नहीं माना जाता, इसलिए मंज़ूरी से पहले कभी न खरीदें।
कौन सा बैंक खाता इस्तेमाल करें?
आधार से जुड़ा बैंक खाता इस्तेमाल करें। सब्सिडी DBT से मिलती है, और बिना जुड़ा खाता भुगतान रोक देता है।
सब्सिडी आने में कितना समय लगता है?
यह राज्य और दफ्तर की व्यस्तता पर निर्भर करता है। मशीन की जांच के बाद DBT आम तौर पर कुछ हफ्तों से लेकर एक-दो महीने में खाते में आ जाती है।
क्या हर साल सब्सिडी मिल सकती है?
नहीं। एक ही मशीन के लिए समय-सीमा का नियम है, जो हर राज्य तय करता है। आप अलग-अलग तरह की मशीनों के लिए ले सकते हैं, पर तय अवधि में वही मशीन दोबारा नहीं।
सब्सिडी की दरें, सीमाएं और आखिरी तारीखें हर साल बदलती हैं और राज्य व मशीन के हिसाब से अलग होती हैं। आवेदन से पहले हमेशा अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा जानकारी ज़रूर देखें।
- 1. कृषि यंत्र सब्सिडी क्या है?
- 2. कृषि यंत्र पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
- 3. सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?
- 4. कौन-कौन सी मशीनें शामिल हैं?
- 5. कृषि यंत्र सब्सिडी: राज्यवार आवेदन कैसे करें
- 6. ज़रूरी कागज़ात
- 7. कदम दर कदम: सब्सिडी कैसे लें
- 8. ये गलतियां न करें
- 9. आलमाइटी एग्रोटेक कैसे मदद करता है
- 10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल